लव कुश यह नहीं जानते थे कि राम ही उनके पिता है परन्तु माँ सीता लव और कुश को राम के बारे में इस गीत में बताती हैं। और वही गीत लव कुश राम के सम्मुख सुनाते है. यह गीत आप कह सकते है पुरे रामायण का सार है, जिसमे राम जी के बचपन के राज पाट से लेकर वनवास, हनुमान मिलन, सीता माँ की खोज, रावण वध , अयोध्या का दीपावली यह सब सम्मिलित है|
स्वर : कविता कृष्णमूर्ति, हेमलता, रविन्द्र जैन गीत : रवीन्द्र जैन संगीत : रवीन्द्र जैन